- 85वीं संवैधानिक शोध हकीकत में लागू न करने तथा आरक्षण की धज्जियां उड़ाने के आरोप
मोहाली (प्रवेश फरण्ड )
एस.सी./बी.सी. अध्यापक युनियन पंजाब ने शिक्षा विभाग द्वारा 85वीं संविधानिक शोध को हकीकत में लागू न करने तथा आरक्षण पॉलिसी की धज्जियां उड़ाने के आरोप लगाते हुए एलान किया है कि 29 दिसंबर को शिक्षा सैक्रेटरी पंजाब खिलाफ रोष धरना दिया जायेगा। आज यहां मोहाली प्रेस कल्ब में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधन करते हुए युनियन नेताओं बलजीत सिंह सलाणा, कृष्ण सिंह दुग्गां, बलविन्द्र लताला, हरबंस सिंह परजियां, लक्षमण सिंह नबीपुर, परविन्द्र भारती आदि ने कहा कि युनियन द्वारा बार-बार शिक्षा सैक्रेटरी को एजेंडा भेजने के बावजूद भी पिछले एक वर्ष से मीटिंग का समय नहीं दिया गया। पिछले करीब तीन महीने से युनियन द्वारा पंजाब के विभिन्न जिलों के डिप्टी कमिश्नरों तथा जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से पंजाब सरकार तथा शिक्षा सैक्रेटरी के नाम मांग पत्र भेजे गये लेकिन फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। शिक्षा सैक्रेटरी की इस बेरुखी से परेशान होकर युनियन ने धरना देने का एलान किया है।
युनियन नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा भले ही 85वीं संविधानक शोध लागू है लेकिन वह कागजों का शिंगार बन कर रह गई है। सभी काडरों की सीनियारिटी लिस्टें जंजुआ जजमेंट मुताबिक बनाई जा रही हैं। माननीय सुप्रीम कोर्ट के संविधानक बैंच के आरक्षण संबंधी फैसले की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अनुसूचित जाति के छात्रों के वजीफे/पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप में बड़े घोटाले सामने आ रहे हैं जिस कारण अनुसूचित जाति के छात्रों का भविष्य अंधेरे में है। युनियन ने चेतावनी दी कि अगर सरकार द्वारा उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो युनियन और भी तीखे संघर्ष के लिए तैयार है जिस के तहत प्रत्येक मंत्री, विधायक, शिक्षा मंत्री तथा मुख्य मंत्री के घिराव किये जायेंगे। सब से पहले आरक्षण का लाभ लेकर बने 34 अनुसूचित जाति से संबंधित विधायकों का घिराव किया जायेगा जो कि आरक्षण का लाभ लेकर भी आरक्षण की राखी के लिए मुंह नहीं खोल रहे हैं। प्रेस कान्फ्रें में गुरप्रीत सिंह तूर, जरनैल सिंह सहोता, राज चौहान रोपड़, गुरसेवक सिंह कलेर, अमनदीप सिंह चंडीगढ़, सुरिन्द्र सिंह मोगा आदि भी हाजिर थे।

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