भारतीय संविधान से छेड़छाड़ के लगाए आरोप
चंडीगढ़ (प्रवेश फरण्ड )
गुरकंवल कौर ने कहा कि इस किसान आंदोलन को खत्म करने के लिए सरकार हर तरह का हथकंडा अपना रही है। कभी आतंकी कहती है, कभी नक्सली कहती है, कभी खालिस्तानी तो कभी माओवादी की बात करती है। इस आन्दोलन को देश के लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। सरकार की कोशिश फूट डालो है, लेकिन किसान डटे हुए हैं। जब तक सरकार कानून वापस नही लेती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब आंदोलन और तेजी पकड़ेगा। केंद्र सरकार कैसे कृषि पर कानून बना सकती है। ये राज्य का मामला है। सरकार को कानून वापस लेना होगा। नहीं लेने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान अपना हक पाने के लिए पूरी तैयारी के साथ डटे हुए है, जब तक कानून वापस नही होगा तब तक वो वापिस नही जाएंगे।
उन्होंने मांग की कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जानी चाहिए तथा एमएसपी से नीचे खरीद को गैर कानूनी घोषित करना चाहिए। सिर्फ सरकार ही नहीं निजी कंपनियों को भी एमएसपी से कम दर पर खरीद से रोका जाना चाहिए। ऐसा लगता है कि खरीद करने वाली कंपनियां किसानों का शोषण कर सकती हैं। अत: कृषि उत्पाद बाजार समितियों से बाहर खरीद को मंजूरी देने पर किसानों को एमएसपी की गारंटी दी जाए और उससे कम में खरीद को गैर कानूनी घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा मोदी सरकार किसानों की बातों को सुने और समझे। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार हिटलर शाही अपना रही है, जिससे देश का नुकसान होगा। क्योंकि भारत के सभी किसान दिल्ली में ठंड-बारिश में बैठे हुए हैं। यदि मोदी सरकार कृषि बिल सही होता, तो किसान आज सड़कों पर ना होता। सर्दी के मौसम में सड़कों पर ना उतरता। उन्होंने फिर एक बार जोर देकर कहा कि मोदी सरकार किसानों के हित में इस बिल को वापस ले।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के साथ हर एक आदमी जुड़ा हुआ है किसान कोई भी चीज उगाता है तो वह बाजार में जाती है और बाजार से फिर घरों में इस तरह से किसान हर किसी के साथ जुड़ा होने के कारण मोदी सरकार को चाहिए किसानों की बात सुने और उन्हें माने। गुरकंवल कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ जोड़कर अपील की कि वह किसानों के बीच में आकर उनसे बातचीत करें अगर बिल किसानों के हक में हैं तो वह आकर उन्हें समझाएं और ठंड में बैठे इन किसानों का आंदोलन खत्म करवाएं।

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