- ‘आप’ ने आढ़तियों और कारोबारियों पर आयकर विभाग के छापों का लिया सख्त नोटिस
- ईडी, सीबीआई व आयकर टीमों से कैप्टन व बादलों को डरा सकती है मोदी सरकार, किसान-कारोबारी नहीं डरेंगे
- भाजपा को महंगी पड़ेगी कारोबारियों को बाजू मरोड़ कर किसान अंदोलन से दूर करने की नीति
- मोदी सरकार इस वहम में न रहे कि यह अंदोलन केवल किसानों का है
चंडीगढ़ (प्रवेश फरण्ड )
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने प्रदेश के आढ़तियों और व्यापारी-कारोबारियों आयकर विभाग द्वारा की जा रही अचानक छापेमारी को बदले की भावना से की जा रही कार्यवाई बताया है और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की कड़ी निंदा की है। पार्टी मुख्यालय से जारी बयान में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने कहा कि किसान अंदोलन का खुलकर समर्थन कर रहे पंजाब के करीब दो दर्जन आढ़तियों और कारोबारियों पर आयकर विभाग की छापेमारी किसानों का साथ दे रहे अन्य सभी वर्गों को डराने की कोशिश है ताकि वह अंदोलन से पीछे हट जाएं।
भगवंत मान ने कहा कि डराना और बांटना भाजपा की पुरानी आदत है, लेकिन अब इस अंदोलन को फेल करने के लिए ऐसी कोई भी चाल सफल नहीं होगी।
भगवंत मान ने कहा कि अपनी ईडी, सीबीआई और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों से मोदी सरकार कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल जैसे भ्रष्टाचारी और कमज़ोर नेताओं को तो डराया जा सकता है, लेकिन किसानों, मज़दूरों आढ़तियों और व्यापारियों पर केंद्र सरकार का यह हथकंडा काम नहीं करेगा। भगवंत मान ने कहा कि भले ही मोदी सरकार कृषि और किसान की अहमियत को नजऱअंदाज कर रही है कि व्यापारी-कारोबारी अच्छी तरह समझते हैं कि उनकी आर्थिकता का पहिया भी कृषि और किसानी से घूमता है और काले कानूंनों ने किसान और मजदूरों के साथ-साथ दुकानदारों, आढ़तियों, व्यापारी-कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों का भी अस्तित्व खतरे में डाल दिया है।
भगवंत मान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहिए कि वह इधर-उधर हाथ जोडऩे की बजाए आंदोलनकारी किसानों से बात करें और उनकी मांग स्वीकार कर तीनों कृषि कानूंन तुरंत रद्द करें अथवा सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद को कानूंनी गारंटी दें। मान ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री आंदोलनकारी किसानों से स्वयं सीधी बात नहीं करते तब तक मसला हल नहीं हो सकता, क्योंकि नरेंद्र तोमर और पीयूष गोयल जैसे कठपुतली मंत्री बातचीत के नाम पर सिफऱ् वक़्त बर्बाद कर रहे हैं।
आंदोलनकारी किसानों के समर्थकों को खट्टर सरकार भी कर रही है परेशान: मान
चंडीगढ़: भगवंत मान ने आरोप लगाया है कि दिल्ली-हरियाणा सीमा पर हरियाणा में डटे आंदोलनकारी किसानों की सहायता कर रहे स्थानीय लोगों को हरियाणा की खट्टर सरकार परेशान करने लगी है। इसी तरह दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर हरियाणा की तरफ बैठे आंदोलनकारी किसानों की सुविधा के लिये केजरीवाल सरकार द्वारा भेजी गई मोबाइल शौचालय जैसी सुविधाओं को भी बॉर्डर पर ही रोका जा रहा है। भगवंत मान ने कहा कि एक तरफ खट्टर सरकार आंदोलन स्थलों पर साफ-सफाई की जिम्मेदारी नहीं निभा रही, वहीं दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार की सुविधाओं में भी अड़चने पैदा कर रही है। भाजपा के ऐसा रवैया लोकतंत्र विरोधी और निंदनीय है।

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