दोनों डायरेक्टर पंकज त्रिपाठी अभिनीत माधव मिश्रा की विरासत को आगे ले जाने की कहानी सुना रहे हैं और बता रहे हैं कि महिलाओं का कारावास किस प्रकार बनाया
चंडीगढ़ (प्रवेश फरण्ड )
हॉटस्टार स्पेशल्स ने हाल ही में अपनी लोकप्रिय फ्रेंचाईज़ी क्रिमिनल जस्टिसः बिहाईंड क्लोज़्ड डोर्स के अगले चैप्टर की घोषणा की। पंकज त्रिपाठी वकील माधव मिश्रा के किरदार में वापसी कर रहे हैं, जो अपने करियर का सबसे मुश्किल केस लड़ते हैं। कीर्ति कुल्हरी अभिनीत अनु चंद्रा मुख्य आरोपी हैं। वो स्वीकार कर लेती है कि उसने अपने पति एवं प्रतिष्ठित वकील - बिक्रम चंद्रा की चाकू मारकर हत्या की है और कानून की नजर में वह अपराधी है। कई लोग इसे ओपन-एंड-शट केस मानते हैं। अनु की चुप्पी और खुद का बचाव करने की अनिच्छा से सवाल खड़ा होता है - क्या इस केस में कुछ ऐसी भी है, जो दिखाई नहीं दे रहा?
बीबीसी स्टूडियोज़ के सहयोग से एप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा निर्मित, यह 8 पार्ट की कोर्टरूम ड्रामा सीरीज़ बॉलिवुड के रोहन सिप्पी, अर्जुन मुकर्जी के निर्देशन में बनी है। इसकी कहानी अपूर्वा असरानी ने लिखी है। यह 24 दिसंबर, 2020 को डिज़्नी+ हॉटस्टार वीआईपी पर 7 भाषाओं में लॉन्च होगी। क्रिमिनल जस्टिसः बिहाईंड क्लोज़्ड डोर्स भारत की उन कुछ कहानियों में से एक है, जिसमें जेल के अंदर महिलाओं के जीवन एवं संघर्ष की कहानी दिखाई गई है।
क्रिमिनल जस्टिसः बिहाईंड क्लोज़्ड डोर्स का निर्माण किस प्रकार हुआ, इस बारे में रोहन सिप्पी और अर्जुन मुकर्जी ने अपने अनुभव बताए।
पंकज त्रिपाठी अभिनीत माधव मिश्रा का किरदार आगे जारी रखने के बारे में
रोहन सिप्पी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह कास्ट परफेक्ट है। सबसे उत्तम क्रिएटिव निर्णय पंकज त्रिपाठी के किरदार को जारी रखने का है। ओरिज़नल ब्रिटिश शो में यह किरदार आगे नहीं जाता। लेकिन यहां पर हमने इसे आगे ले जाने का निर्णय लिया और मेरा मानना है कि इससे शो और ज्यादा मजबूत होगा एवं शो के केंद्र में यह किरदार रहेगा।’’
शोध के लिए असली वकीलों से बात
रोहन सिप्पी ने आगे कहा, ‘‘शो की कहानी लिखने से पहले और लिखना शुरू करने के बाद वकीलों से बात कर शोध की गई। डायलॉग्स लिखने में भी वकीलों की मदद ली गई, ताकि हम सभी चीजें सही से कर सकें और कानूनी पक्ष भी दिखा सकें और शो में सबसे ज्यादा ड्रामा उत्पन्न किया जा सके। यह भी बहुत जरूरी था क्योंकि ओरिज़नल शो ब्रिटिश कानून व्यवस्था पर आधारित था, जिसमें एक ज्यूरी होती है। इसमें बहुत परिवर्तन लाना पड़ा क्योंकि यहां पर ऐसी व्यवस्था नहीं। यह इस प्रक्रिया का बहुत चुनौतीपूर्ण हिस्सा था, जो अपूर्वा और क्रिएटिव टीम ने बखूबी किया।’’
स्क्रीन पर महिला कारावास का निर्माण करने के बारे में
अर्जुन मुकर्जीः ‘‘कारावास का सेट बनाना मुश्किल था क्योंकि जेल के वास्तविक फुटेज़ या शॉट और संदर्भ प्राप्त करना लगभग असंभव है। इसलिए, प्रोडक्शन क्रू के कुछ सदस्य महिलाओं के कारावास गए और कुछ हिस्सों में जाकर वार्डन आदि से बात की। यह मुश्किल काम था और हमारी टीम ने काम करने का बड़ा स्थान एवं वातावरण बनाने के लिए बहुत अच्छा काम किया। कारावास की वास्तविकता ने मुझे और रोहन तथा कलाकारों को वहां की मुश्किल स्थिति को समझने, वातावरण को महसूस करने और अपने किरदार को निभाने में मदद की। यह बहुत मजेदार था।’’
पूरा सीज़न 2 महीनों में शूट किया गया
रोहन सिप्पीः ‘‘सीज़न के शूट के लिए 60 से 70 दिनों का समय लगा। हमने तीन अलग अलग स्थानों पर शूट किया। महिला कारावास, पुलिस स्टेशन किसी भी क्राईम शो के मुख्य हिस्से होते हैं, आखिरी स्थान अनु चंद्रा का घर था, जहां वह और उसका परिवार रह रहे हैं। लेकिन यह सीरीज़ फिल्माते वक्त हम यह दिखाना चाहते थे कि एक महिला किस प्रकार अपने खूबसूरत एवं उत्तम संसार से जेल में फेंक दी जाती है, जो उसके लिए बिल्कुल अनजान है। अन्य स्थानों पर भी शूटिंग हुई, लेकिन ये तीन स्थान शो के केंद्र रहे और इनसे ही मूड बनेगा।’’
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