चंडीगढ़ (प्रवेश फरण्ड ) 








हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार के कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ 20 से ज्यादा किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं। अब बुधवार शाम को किसान आंदोलन में करनाल के संत बाबा राम सिंह जी द्वारा अपने प्राणों की आहुति देना मन को व्यथित करने वाला है। यह बेहद ही शर्मनाक है कि एक तरफ किसान अपनी जान गंवा रहे हैं और दूसरी तरफ भाजपा सरकार हल निकालने की बजाए किसानों की आवाज को दबाने के लिए लगातार ओछे हथकंडे अपना रही है।


यह बातें हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने गुरुवार को करनाल के सिंघडा नानकसर गुरुद्वारा में संत बाबा राम सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत कहीं। इस दौरान उनके साथ विधायक शमशेर सिंह गोगी भी मौजूद थे।

कुमारी सैलजा ने कहा कि संत बाबा राम सिंह जी किसानों के आंदोलन के समर्थन में शहादत को प्राप्त हुए हैं। उनकी शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी उनकी शहादत पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी हरियाणा प्रदेश को जवाब दें कि उनकी सरकार के इशारे पर क्यों किसानों पर अत्याचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी हरियाणा प्रदेश की जनता से तुरंत माफी मांगें। बाबा राम सिंह जी को खुदकुशी के लिए उकसाया गया है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि किसान आंदोलन में अब तक बीस से ज्यादा किसान अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इस सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। आखिर यह सरकार हमारे कितने और किसानों के प्राणों की आहुति लेगी। आज इस भीषण सर्दी के मौसम में इससे दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता कि हमारे अन्नदाता सड़कों पर बैठने के लिए मजबूर हों।


कुमारी सैलजा ने कहा कि यह भाजपा सरकार क्रूरता की सभी हदें पार कर रही है। पहले शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने जा रहे किसानों पर अत्याचार किया गया और अब किसानों की मांगों को मानने की बजाय यह सरकार हठधर्मिता अपनाए हुए हैं। भाजपा नेताओं द्वारा लगातार किसानों पर अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। यह अत्यंत शर्मनाक है।


कुमारी सैलजा ने कहा कि इस सरकार का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है। पूरे देश ने देखा कि लोकतंत्र का गला घोटकर किस तरह से संसद में कृषि बिल पास करवाए गए। अब किसान आंदोलन में फूट डालने के लिए इस सरकार द्वारा लगातार ओछे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। एसवाईएल का मुद्दा भी इस सरकार द्वारा जानबूझकर उछाला जा रहा है। आज तक हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल एसवाईएल के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक के लिए प्रधानमंत्री मोदी से समय नहीं ले पाए हैं। आखिर क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एसवाईएल के मुद्दे पर हरियाणा प्रदेश के नेताओं को समय नहीं दिया। पिछले 6 वर्ष से केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। लेकिन इस मुद्दे पर दोनों भाजपा सरकारें चुप्पी साधे हुए रहीं। भाजपा की बुनियाद ही झूठ और ढोंग पर टिकी हुई है। अब ऐसे मुद्दों को उछाल कर भाजपा सरकार द्वारा किसानों को बांटने की राजनीति की जा रही है। लेकिन किसान इस सरकार के षड्यंत्र को पहचान चुके हैं।


कुमारी सैलजा ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी जी और हमारे आदरणीय नेता श्री राहुल गांधी जी द्वारा लगातार किसानों की आवाज उठाई जा रही है। सरकार अपने अडियल रवैये को छोड़कर तुरंत प्रभाव से किसानों की मांगों को माने और इन कृषि विरोधी काले कानूनों को रद्द करे।

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