• जिला पंचकूला की गैस एजेंसियां सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाने के बावजूद चल रहीं हैं 


चंडीगढ़ (प्रवेश फरण्ड ) 



 समाजसेवी व आरटीआई कार्यकर्ता अमरजीत सिंह ने अपने अधिवक्ता मनदीप सज्जन के माध्यम से नगर निगम, पंचकूला को भेजे कानूनी नोटिस में दावा किया था कि पंचकूला जिला में मौजूद गैस गोदामों में एन. बी. सी. 2016 अनुसार ना तो आग से बचाव के प्रबंध किए गए हैं और न ही नगर निगम व सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिए गए हैं। इसलिए अगर कोई अग्निकांड हो जाए तो बचाव मुश्किल हो सकता है। अमरजीत सिंह ने अपने अधिवक्ता मनदीप सज्जन के माध्यम से कहा कि पंचकूला जिला में मौजूद गैस गोदामों को तब तक सील किया जाए जब तक कानून के अनुसार नगर निगम अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी न करे। उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़, पंचकूला व मोहाली सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में भयंकर अग्निकांड हो चुके हैं। इन दुर्घटनाओं में करोड़ों की संम्पत्ति की हानि के साथ-साथ कई लोगों को जान भी गंवानी पड़ी है।


अधिवक्ता मनदीप सज्जन की ओर से इस वर्ष एक जुलाई को भेजे गए कानूनी नोटिस के जबाव में स्टेशन फायर ऑफिसर, पंचकूला नगर निगम ने पत्र ( क्रमांक 10176 / SFO दिनांक 20.07.20 ) उन्हें प्रेषित किया। इस पत्र में एसएफओ ने बताया कि जाँच पड़ताल करने के बाद पाया गया कि पंचकूला में मौजूद निम्नलिखित गैस एजेंसियों ने कानून के अनुसार अग्निशमन प्रबन्ध नहीं किए व ना ही इनके पास सरकारी अनापत्ति प्रमाणपत्र है।


1. सेकुलर गैस सर्विस एस. सी. ओ. 79 सेक्टर 12 पंचकूला ।

2. सिंघल गैस सर्विस एस. सी. ओ. 72 सेक्टर 7 पंचकूला ।

3. आशीर्वाद गैस सर्विस एस. सी. ओ.   216 सेक्टर 16 पंचकूला ।

4. इन्दर गैस सर्विस एस. सी. ओ. 11 सेक्टर 11 पंचकूला ।

5. रूप गैस एजेंसी एस. सी. ओ. 296 सेक्टर 20 पंचकूला ।

6. नयो गैस एंटरप्राइजेज शाप नम्बर 19  एस. डी. सभा मार्केट कालका पंचकूला ।

7. एच. एम. टी. को - ऑपरेटिव सोसायटी एच. एम.टी. पिंजौर पंचकूला ।

8. कालका जी गैस सर्विस नालागढ़ रोड़ पिंजौर पंचकूला ।


अमरजीत सिंह ने इस सूचि में सत्यम गैस ऐजेंसी व पंचकूला गैस एजेंसी के बारे कुछ भी न बताये जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इन एजेंसियों के पास अनापत्ति प्रमाणपत्र है तो संबंधित अधिकारी को इस बारे में जिक्र करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि उपरोक्त जाँच-पड़ताल में गैस एजेंसियों की गैरकानूनी हरकतों की सच्चाई पता चलने पर भी सरकार ने अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की। अमरजीत सिंह ने मांग की कि इन एजेंसियों के कामकाज करने पर तब तक रोक लगाई जाए जब तक कि इन्हें अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता।  

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