चंडीगढ़ 



पेक की ओर से रोड सेफ्टी के इश्यूज और चैलेंजेज पर वर्कशॉप कराई गई। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, कल्पना चावला चेयर ऑफ जियोस्पेटिअल टेक्नोलॉजी पेक और सिविलिफाइड इनफ्रा कंसल्टेंट्स की ओर से हुई वर्कशॉप के दौरान डिसकस किया गया कि भारत में कुल 199 देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। कुल रोड नेटवर्क का 1.94 फीसदी नेशनल हाइवे हैं और 30.2 फीसदी सड़क हादसे 35.7 फीसदी मौतें यहां पर होती हैं। 26.8 फीसदी हादसे स्टेट हाईवे पर होती हैं। ये आंकड़े सरकार की ओर से लिए गए रोड सेफ्टी ऑडिट से हैं।


वेबिनार के दौरान मेंबर टेक्निकल एनएचएआई आरपी सिंह, एसपीए दिल्ली से डॉ सेवा राम और ट्रैफिक एडवाइजर डॉ. नवदीप असीजा ने रोड की समस्याओं और इसमें इंजीनियर्स के रोल पर बात की। कोर्डिनेटर डॉ हरअमृत संधू ने बताया कि कुछ मेंबर्स ने सीआईसी में और करीब 400 मेंबर्स ने ऑनलाइन इसमें शिरकत की

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